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Tamil Nadu

भा.ज.पा. प्रदेश अध्यक्ष पद से अन्नामलाई का इस्तीफा, अमित शाह बोले- ‘नई भूमिका में होंगे अन्नामलाई

12-Apr-2025
तमिलनाडु।  ( शोर संदेश )  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हमेशा से ही राज्य में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के मुखर आलोचक रहे हैं और 2021 में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालने वाले भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी के अन्नामलाई भी इसके अपवाद नहीं हैं।
उन्होंने अपने चार साल के कार्यकाल के दौरान द्रमुक को लगातार निशाना बनाया। चार साल तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के बाद, अन्नामलाई शुक्रवार को राज्य के उन दस नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने प्रदेश में पार्टी नेतृत्व के लिए मौजूदा उपाध्यक्ष नयनार नागेंद्रन का नाम प्रस्तावित किया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पार्टी राष्ट्रीय पर अन्नामलाई के लिए एक बड़ी भूमिका की परिकल्पना करती है। पुलिस अधिकारी से राजनीति में आए 40 वर्षीय अन्नामलाई को राज्य में अपनी ‘एन मन एन मक्कल’ (मेरी जमीन, मेरे लोग) यात्रा के लिए जाना जाता है।
पार्टी की परंपरा के अनुसार, उनके पूर्ववर्ती और मौजूदा केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन ने ‘वेल यात्रा’ निकाली थी और अतीत में पूर्व केंद्रीय मंत्री पोन राधाकृष्णन ने पूरे राज्य में ‘थामराई यात्रा’ निकाली थी।
अन्नामलाई ने 2021 के विधानसभा चुनाव में करूर जिले के अरवाकुरिची निर्वाचन क्षेत्र से चुनावी राजनीति की और लेकिन असफल रहे। उन्होंने 2024 कालोकसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन जीत नहीं मिली।
अन्नामलाई द्वारा द्रमुक पर किये गए कटाक्षों का उनकी पार्टी के सदस्यों और यहां तक ​​कि अन्नाद्रमुक ने भी समर्थन किया। लेकिन, जब उन्होंने अन्नाद्रमुक नेताओं पर निशाना साधना शुरू किया तो अन्नाद्रमुक ने अपने गठबंधन पर पुनर्विचार शुरू कर दिया। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के संबंध तब खराब हो गए जब अन्नाद्रमुक ने भाजपा से अलग होने की घोषणा की।
लोकसभा चुनाव-2024 के प्रचार अभियान ने एक दिलचस्प मोड़ तब लिया जब अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने अन्नामलाई को ‘‘प्रचार का भूखा’’ कहा।
अन्नामलाई ने पलटवार करते हुए पलानीस्वामी को भाजपा के साथ चुनावी संबंध तोड़ने के लिए ‘‘खट्टे अंगूर’’ वाली कहानी सुनाई। ऐसा प्रतीत हुआ कि भाजपा और अन्नाद्रमुक की इस जुबानी जंग का लाभ राज्य में सत्तारूढ़ द्रमुक को हुआ।




 

*भारत में इजरायली प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई*

09-Oct-2023
चेन्नई (शोर संदेश)। हमास और इजराइल के बीच चल रही झड़पों के मद्देनजर तमिलनाडु सरकार ने इजराइली प्रतिष्ठानों और यहूदी बस्तियों में सुरक्षा बढ़ाई। तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक शंकर जिवाल ने मीडियाकर्मियों को बताया कि डिंडीगुल के पास पहाड़ियों में एक यहूदी बस्ती और राज्य में अन्य इजरायली प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इजरायली पर्यटक हर साल सितंबर से फरवरी के दौरान कोडाइकनाल के करीब एक बस्ती वट्टाकनाल का दौरा करते हैं और पुलिस इस क्षेत्र में अधिक सुरक्षा प्रदान करेगी। सूत्रों ने न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस को बताया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए इलाके में पहले से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राज्य में इजरायली व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस हाल के दिनों में चेन्नई और राज्य के अन्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर उतरे इजरायली नागरिकों की संख्या का पता लगाने और सुरक्षा इंतजाम के तहत उनके स्थानों को ट्रैक करने के लिए आव्रजन अधिकारियों के संपर्क में है। सूत्रों ने यह भी कहा कि अन्य देशों में इजरायलियों पर संभावित हमले की रिपोर्ट के बाद इजरायली व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आवाजाही को प्रतिबंधित करते हुए पहुंच नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं।

 


*भारत की हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन का निधन*

28-Sep-2023

 चेन्नई (शोर सन्देश)। वैज्ञानिक और भारत में हरित क्रांति के जनक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन का गुरुवार सुबह 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। डॉ. स्वामीनाथन के भतीजे राजीव ने बताया, उन्होंने गुरुवार की सुबह 11.15 बजे अंतिम सांस ली। पिछले 15 दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। एक कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्वामीनाथन ने 1960 के दशक में भारत को अकाल जैसी परिस्थितियों से बचाने के लिए अपनी नीतियों के माध्यम से एक सामाजिक क्रांति लाई। उन्हें 1987 में प्रथम विश्व खाद्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया जिसके बाद उन्होंने चेन्नई में एमएस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की।


*सूर्य मिशन: आदित्य-एल1 की कक्षा बढ़ाने की चौथी प्रक्रिया सफल*

15-Sep-2023
चेन्नई (शोर संदेश)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार सुबह सूर्य का अध्ययन करने के लिए आदित्य एल1 मिशन का पृथ्वी-संबंधित चौथी प्रक्रिया (मैन्यूवर) सफलतापूर्वक पूरी की। शुक्रवार की सुबह 0200 बजे इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी), बेंगलुरु में कक्षा बढ़ाने का काम किया गया। इसरो ने सोशल मीडिया नेटवर्क -एक्स’ पोस्ट किया, सूर्य का अध्ययन करने के लिए भारत का पहला अंतरिक्ष-आधारित मिशन, आदित्य एल1, ने गुरुवार/शुक्रवार के शुरुआती घंटों में अपना चौथा पृथ्वी-संबंधित मैन्यूवर सफलतापूर्वक पूरी कर लिया। इसमें कहा गया, चौथा पृथ्वी-से जुड़ा मैन्यूवर (ईबीएन#4) सफलतापूर्वक निष्पादित किया गया है। अंतरिक्ष एजेंसी ने एक्स पर लिखा, मॉरीशस, बेंगलुरु, एसडीएससी-शार और पोर्ट ब्लेयर में इसरो के ग्राउंड स्टेशनों ने इस ऑपरेशन के दौरान उपग्रह को ट्रैक किया, जबकि वर्तमान में आदित्य-एल 1 के लिए फिजी द्वीप समूह में एक परिवहनीय टर्मिनल पोस्ट-बर्न संचालन का समर्थन करेगा। हासिल की गई नई कक्षा 256 किमी x 121973 किमी है। अगला मैन्यूवर, ट्रांस-लैग्रेजियन प्वाइंट 1 इंसर्शन (टीएल1आई), जो पृथ्वी से प्रस्थान का प्रतीक है, 19 सितंबर को लगभग 2 बजे के लिए निर्धारित है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने घोषणा की, “सूर्य का अध्ययन करने के लिए भारत का पहला अंतरिक्ष-आधारित मिशन, आदित्य एल 1, ने गुरुवार के शुरुआती घंटों में अपना चौथा पृथ्वी-आधारित प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।

*विज्ञान व विश्वास दो अलग-अलग चीजें हैं: इसरो चेयरमैन*

28-Aug-2023

चेन्नई  (शोर संदेश)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा कि विज्ञान और विश्वास दो अलग-अलग चीजें हैं और दोनों को मिलाने की कोई जरूरत नहीं है। वह श्री पौर्णमिकवु मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर चंद्र मिशन चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो प्रमुख तिरुवनंतपुरम पहुंचे। एस.सोमनाथ ने कहा कि चंद्रमा पर उतरने वाले स्थान का नाम 'शिवशक्ति' रखने को लेकर कोई विवाद नहीं है और कहा कि देश को उस स्थान का नाम रखने का अधिकार है। प्रतिष्ठित वैज्ञानिक ने कहा कि कई अन्य देशों ने चंद्रमा पर अपना नाम रखा है और यह हमेशा संबंधित राष्ट्र का विशेषाधिकार रहा है। इसरो अध्यक्ष ने कहा कि भारत पहला देश है, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा है और कहा कि दक्षिणी ध्रुव में चंद्रमा की सतह पर्वतों और घाटियों के कारण बहुत पेचीदा है और यहां तक कि थोड़ी सी गणना त्रुटि के कारण भी लैंडर मिशन में विफल हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसरो ने अभियानों के लिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को प्राथमिकता दी है, क्योंकि यहां की सतह खनिजों से समृद्ध है, जिसे रोवर द्वारा चंद्रमा की सतह से उचित प्रतिक्रिया मिलने के बाद वैज्ञानिकों द्वारा तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रूसी मिशन को 2021 में पूरा होना था और उस देश में युद्ध के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि सूर्य अभियान पहले से ही तैयार है और लॉन्च की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि मिशन पर कई परीक्षण किए जा रहे हैं और अगर सब कुछ ठीक रहा, तो जल्द ही तारीख की घोषणा की जाएगी अन्यथा इसे स्थगित कर दिया जाएगा। एक सवाल के जवाब में सोमनाथ ने कहा कि रोवर चंद्रमा की सतह से जो तस्वीरें ले रहा था, उन्हें इसरो स्टेशनों तक पहुंचने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि इसरो द्वारा इसमें अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य देशों के ग्राउंड स्टेशनों का समर्थन मांगा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि चंद्रमा की सतह पर वायुमंडल नहीं है, इसलिए सभी छायाएं अंधेरी हैं और इससे स्पष्ट तस्वीरें प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है।


*चांद के और करीब पहुंचा चंद्रयान-3, लैंडर गुरुवार को यान से अलग होगा*

16-Aug-2023
चेन्नई  (शोर संदेश)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को भारत के चंद्रयान-3 को चंद्रमा के और करीब ले जाते हुए कहा कि लैंडर मॉड्यूल को गुरुवार को प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग किया जाएगा। तरिक्ष एजेंसी ने एक ट्वीट में कहा, आज की सफल फायरिंग, जो थोड़े समय के लिए आवश्यक थी, ने चंद्रयान-3 को अपनी मंशा के अनुरूप 153 किमी गुना 163 किमी की कक्षा में स्थापित कर दिया है। इसके साथ ही चंद्रयान की कक्षा बदलने का काम पूरा हो गया है। अब तैयारियों का समय आ गया है क्योंकि प्रोपल्शन मॉड्यूल और लैंडर मॉड्यूल अपनी अलग-अलग यात्राओं के लिए तैयार हो रहे हैं। प्रोपल्शन मॉड्यूल से लैंडर मॉड्यूल को 17 अगस्त 2023 को अलग करने की योजना बनाई गई है। चंद्रयान-3 में एक प्रणोदक मॉड्यूल (वजन 2,148 किलोग्राम), लैंडर (1,723.89 किलोग्राम) और एक रोवर (26 किलोग्राम) शामिल हैं। भारत के तीसरे चंद्र मिशन का मुख्य उद्देश्य लैंडर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतारना है। चंद्रयान-2 मिशन में लैंडर पर नियंत्रण खो देने की वजह से उसकी सॉफ्ट लैंडिंग की जगह क्रैश लैंडिंग हो गई थी और लैंडर दुर्घटनाग्रस्‍त हो गया था। इसरो के मुताबिक, लैंडर के 23 अगस्त को शाम 5.47 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की उम्मीद है। लैंडर चंद्रमा की सतह से लगभग 100 किमी की ऊंचाई से चंद्रमा पर उतरेगा। सॉफ्ट लैंडिंग एक पेचीदा मुद्दा है। सुरक्षित और जोखिम-रहति क्षेत्र खोजने के लिए लैंडिंग से पहले साइट की इमेजिंग की जाएगी।लैंडिंग के बाद छह पहियों वाला रोवर बाहर निकलेगा और एक चंद्र दिवस की अवधि के लिए चंद्रमा की सतह पर प्रयोग करेगा जो पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर है। चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को भारत के हेवी लिफ्ट रॉकेट LVM3 द्वारा पृथ्‍वी की कक्षा में स्थापित किया गया था। इसके बाद 1 अगस्त को इसने पृथ्‍वी की कक्षा को छोड़कर चंद्रमा की ओर प्रस्‍थान किया था।

*तमिलनाडु में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हुई*

16-May-2023

चेन्नई (शोर संदेश)।तमिलनाडु में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि चेंगलपट्टू जिले में 6 लोगों ने दम तोड़ा। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया और मामले की सीबी-सीआईडी जांच कराने की घोषणा की। विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिलों में स्थानीय पुलिस के कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की, जबकि नकली शराब पीने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों के लिए 50,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। शुरूआती जांच के अनुसार, यह पाया गया कि विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में घटना तब हुई जब कुछ लोगों ने स्थानीय शराब का सेवन किया। हालांकि, चेंगलपट्टू जिले में मौत का कारण बनने वाली शराब में मेथनॉल मिला कर इसे पतला किया गया था। अन्नाद्रमुक महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) मंगलवार को क्षेत्र का दौरा करेंगे। ईपीएस ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि शराब कांड राज्य में कानून व्यवस्था की विफलता का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार के 10 साल के कार्यकाल में जहरीली शराब के सेवन से किसी की मौत नहीं हुई। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अन्नाद्रमुक शासन के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के कुशल संचालन के कारण था। ईपीएस, जो तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, ने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र के दौरान, उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नकली शराब की उपलब्धता के बारे में सरकार को बताया था।


*भारतीय वित्त कंपनियों के लिए एसएमई ऋण चूक में वृद्धि होगी : मूडीज*

18-Apr-2023

चेन्नई (शोर संदेश)। देरेपो रेट में वृद्धि, छोटे और मध्यम उद्यम (एसएमई) के लिए सीमित विकल्प और प्रोपर्टी दामों में कम बढ़ोतरी जैसे कारणों के चलते लोन फाइनेंस कंपनियों का जोखिम काफी बढ़ गया है। मूडीज के अनुसार, हालांकि आरबीआई ने अप्रैल में अपने दर वृद्धि चक्र को रोक दिया है, लेकिन पिछले एक साल में हुई बढ़ोतरी ने गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए फंडिंग लागत में वृद्धि की है।

चूंकि उनकी फंडिंग लागत में वृद्धि हुई है, एनबीएफसी ने छोटे और मध्यम आकार के उद्यम उधारकर्ताओं के लिए संपत्ति के बदले ऋण (एलएपी) के लिए ब्याज दरों में वृद्धि की है, जो इन ऋणों के पुनर्भुगतान और पुनर्वित्त जोखिम को बढ़ा रहा है। मूडीज ने कहा, एलएपी द्वारा समर्थित भारतीय संपत्ति-समर्थित प्रतिभूतियों (एबीएस) के लिए यह स्थिति क्रेडिट नकारात्मक है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने कहा कि संपत्ति की कीमतों में धीमी वृद्धि रिकवरी की संभावनाओं को कम कर रही है। मूडीज ने कहा, "प्रमुख भारतीय शहरों में संपत्ति की कीमतों में वृद्धि की गति पिछले वर्ष से धीमी हो गई है। धीमी संपत्ति मूल्य वृद्धि ने डिफॉल्ट एलएपी के लिए रिकवरी की संभावनाओं को कम कर दिया है, जो इन ऋणों द्वारा समर्थित भारतीय एबीएस के लिए नकारात्मक है। इसके अतिरिक्त, धीमी संपत्ति मूल्य वृद्धि ने एलएपी को पुनर्वित्त करने के लिए उधारदाताओं की इच्छा को कम कर दिया है।


*उड़ना भरने से ठीक पहले फ्लाइट से टकई चील... पायलट ने की एमर्जेन्सी लैंडिंग...*

02-Jan-2023

कोयम्बटूर (शोर संदेश)। शारजाह जाने वाली एयर अरेबिया की फ्लाइट से पक्षी के टकराने की घटना सामने आई हैं। उड़ान भरने से ठीक पहले दो चील विमान के बाएं इंजन से टकरा गईं, जिसके बाद विमान को कोयम्बटूर में उतारा गया। हालांकि, इस घटना में यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं हुई। सभी 164 यात्रियों को विमान से सुरक्षित उतारा गया।बता दें कि विमान से जब पक्षी टकराए तब उड़ान रनवे से गुजर रही थी। दो बाजों में से एक की इंजन के ब्लेड से टकराने से मौत हो गई है। यह पहली बार है कि पिछले सात वर्षों में विमान को हुए नुकसान की जांच के लिए सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित उतारा गया है।

पक्षियों की जान बचाने के लिए किए जा रहे ये उपाय
कोयंबटूर हवाई अड्डे के निदेशक, एस. सेंथिल वलावन ने कहा कि पक्षियों के टकराने को नियंत्रित करने के लिए, पक्षियों की देखभाल करने वाली बंदूकों के उपयोग और बर्ड चेज़र को नियोजित करने के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। कोयंबटूर हवाईअड्डे के सूत्रों ने बताया कि हवाईअड्डे के पास कचरे को डंप करने पर सख्ती से प्रतिबंध लगा दिया गया है क्योंकि आमतौर पर पक्षी डंपिंग स्थलों पर पहुंचते हैं।

 

 


*देश का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम S लॉन्च, स्पेस सेक्टर में भारत की नई शुरुआत ...*

18-Nov-2022

चेन्नई (शोर संदेश)। देश के पहले प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-एस’ की आज लॉन्चिंग हो गई. इस रॉकेट का निर्माण हैदराबाद की एक स्टार्ट-अप कंपनी ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ ने किया है. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी ‘इसरो’ ने श्रीहरिकोटा के अपने केंद्र से भारत के इस पहले प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-एस’ की लॉन्चिंग की. इसकी लॉन्चिंग के बाद भारत के स्पेस मिशन में प्राइवेट रॉकेट कंपनियों की एंट्री हो गई है. विक्रम-एस रॉकेट ने देश की स्पेस इंडस्ट्री में प्राइवेट सेक्टर की एंट्री को एक नई दिशा प्रदान की है, जिस पर दशकों से सरकारी स्वामित्व वाले ISRO का प्रभुत्व था. ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ भारत की पहली प्राइवेट सेक्टर की कंपनी बन गई है, जिसने 2020 में केंद्र सरकार द्वारा स्पेस इंडस्ट्री को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोले जाने के बाद भारतीय स्पेस प्रोग्राम में कदम रखा है. ‘विक्रम-एस’ रॉकेट को आज सुबह करीब 11:30 पर लॉन्च किया गया. इससे पहले इसे 15 नवंबर को लॉन्च करने की प्लानिंग थी. सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च होने के बाद अब ‘विक्रम-एस’ 81 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचेगा. रॉकेट का नाम इंडियन स्पेस प्रोग्राम के जनक और दिवंगत साइंटिस्ट विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है.

 

 



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